पीड़ा तो होती है न ,
जब ईमानदार परेशान होता है,
और वेईमान मौज उड़ता है।
ईमानदार को फर्जी काम,
करने को कहा जाए।
पीड़ा तो होती है न !
सुना है सत्य परेशान होता है,
पर जब जबरदस्ती परेशान हो,
असत्य झूठ असूर सिरमौर हो,
पीड़ा तो होती है न !
बापु ने तो कहा था न,
परपीड़ा परहित सम धर्म नही,
तो फिर जब उनका पथिक,
अधर्मियो द्वारा परेशान हो तो,
पीड़ा तो होती है न !
जब कर्म ईमानदारी से न हो,
जब झूठे निकम्मे भ्रष्ट ज्ञान बाटे,
सच्चाई ईमानदारी, हो परेशान
पीड़ा तो होती है न !
......... निरंतर।

1 टिप्पणी:
आपकी बातो में पूर्ण सत्यता है
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