मोर और उल्लू, दोनो
अलग अलग
मोर विद्या वाहन, तो उल्लू लक्ष्मी।
दोनो एक साथ रहे, संभव नहीं।
पर आज उल्लू ज्यादा चर्चित।
हर कोई उल्लू बनना चाहता है।
जो क्लास में उल्लू थे,
आज मोर के आगे है।
मोर बेचारा मेहनत करके परेशान,
मेहनत न करना उल्लू का काम।
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मेरा छोटा सा प्रयास है, अपने विचारों को कविता के माध्यम से रखने का। कुछ त्रुटी हो सकती है, अपने सुझाव जरूर दे।
अजीब सी है पूर्व पश्चिम की उलझन, उल्टा सीधा, सीधा उल्टा। वेश परिवेश खान पान जल वायु नहाना धोना नाते रिश्ते वार त्यौहार सबके अपने अपने । दोन...
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Nice
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