बुराई पर जीत

हमेशा हरेक हरपल हरकोई,
जानता मानता है कि,
जीतता तो सत्य ही है,
असत्य, आतंक, अनाचार, अत्याचार
हो कितना भी,
प्रबल, प्रचंड, प्रगाढ़ प्रचारित
जीतता तो सत्य ही है,
देर सबेर हो सकती है पर
प्रताड़ित तो होना ही है
झूठ का बोलबाल
तो होता ही है पर अंत मे
जीतता तो सत्य ही है




कोई टिप्पणी नहीं:

अपने विचार रखे

अजीब सी है पूर्व पश्चिम की उलझन, उल्टा सीधा, सीधा उल्टा। वेश परिवेश खान पान जल वायु नहाना धोना नाते रिश्ते वार त्यौहार  सबके अपने अपने । दोन...

एक नजर इधर भी