खूब कर लो मुनाफाखोरी,
खूब कर लो जमाखोरी
कर लो कालाबाजारी,
जितनी कर लो घूसखोरी,
याद रखना जरूरी है कि,
कफ़न में जेब नही होती।१।
जितना सताना है सतालो,
मासूमों, गरीबों, जरूरतमंदों,
की मजबूरी का फायदा लेलो।
मन नहीं भरा तुम्हारा,
अरबो से, खरबों कमा लो,
पर याद रखना साहेब,
कफ़न में जेब नही होती।२।
थोड़ी तो शर्म कर लो,
अजीब हो तुम तो,
कफ़न का व्यापारी भी,
ईमान रखता है पर,
कफ़न ही क्या मुर्दा बेच खा गए,
जिंदा को मुर्दा बनाया है तुमने,
मुर्दा को जिंदा बनाओ तो जाने,
इसलिए कहता हूं भूलना मत,
कफ़न में जेब नही होती।३।
सब कुछ यही होना है,
यही स्वर्ग यही नर्क है,
यही होगा कर्मो का लेखा जोखा,
तुम्हे क्या लगा चित्रगुप्त सोए है,
बहुत बड़ी भूल कर रहे हो,
तुम्हारा भी वक्त आएगा।
सब यही धरा का धरा रह जायेगा।
कुछ भी साथ नहीं जायेगा,
क्योंकि कफ़न में जेब नही होती।४।

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