बहाने हजार बनाते थे।
पर लेकिन अब कहते है,
पापा स्कूल कब खुलेंगे ?
बहुत दिन हो गए,
गुरप्रीत, एजाज, कृष्णा, जोसफ
से नही मिले, बहुत दिन हुए,
अरे यार ,स्कूल कब खुलेंगे ?
अब तो सब ऑनलाइन है,
खेलना, पढ़ना, मिलना,
ऊब गए हैं इनसे सब,
अब तो बतादो,
दादा ,स्कूल कब खुलेंगे ?
ओ प्रार्थना में उंगली करना,
सर मेम का बोर्ड पे पढ़ाना,
खूब खेलना- मस्ती करना,
बहुत याद आता है,
सर, स्कूल कब खुलेंगे ?

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