सब संभव हो जाता है, जब मन में हो विश्वास।
श्रद्धा सयम प्रयत निरंतर, ध्येय पर हो नज़र।।
ईश भी उनका साथ देता है, जो स्वयं का देता।
सब संभव हो जाता है, जब मन में हो विश्वास।।
देश काल परिस्थिति पर होता नियंत्रण उसका।
होता स्वयं पर नियंत्रण लक्ष निश्चित हो उसका।।
कुछ करने की हो इच्छा तो , क्या नही होता।
सब संभव हो जाता है, जब मन में हो विश्वास।।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें