चिर अन्नत काल से यही चला
बिना उद्देश्य के कुछ नही रचा है,उसकी हर रचना का उद्देश्य है।
उसका हर पल अनमोल है,
हर पल हर क्षण कीमती है।
तो उसका उद्देश्य पूरा हो,
व्यर्थ न हो जो मिला पल,
उसकी हर रचना का उद्देश्य है।
जब भी याद करो मन से,
फरियाद करो, दुःख सुख मे,
आपकी हर बात सुनता है ओ,
तो फिर आप भी सुनो उसकी,
उसकी हर रचना का उद्देश्य है
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