अपने काम में वे निराधार
दूसरों को बताते हैं राह
खुद भटकते हैं अंधेरे में
पर उपदेश कुशल बहुतेरे
अपने जीवन में वे असफल
दूसरों को सिखाते हैं धर्म
खुद करते हैं पापों का घेर
पर उपदेश कुशल बहुतेरे
अपने विचार में वे अहंकारी
दूसरों को देते हैं उपहास
खुद बनते हैं लोगों का उपहास

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