अर्जन करलू अपने कृष्ण से।
सतत संयम शील स्वभाव,
संघर्ष अपने काम क्रोध लोभ
अपने कुविचारों के विरुद्ध
तो करना युद्ध ही होगा न।
अनीति अन्याय अत्याचार
कितना ही विकराल हो,
सारथी साथ तो सब आसान
अपने कृष्ण का साथ पा लू
आसान तो नही पर,
सोचता हु अर्जुन बन जाऊ ।

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